Ayurveda Health Tips for Good Health : बुढ़ापा व बीमारी भगाने के 6 भोजन 6 नियम 3 योग

Ayurveda Health Tips for Good Health ,हमारा शरीर एक वो साधन है जो हमें मुक्ति के द्वारा तक लेकर जाता है। यही हमारा सबसे बड़ा साथी होता है एक स्वस्थ शरीर आपके लिए एक वरदान हो सकता है लेकिन एक बीमारियों से ग्रस्त शरीर आपके लिए एक श्राप होता है ।ऐसा शरीर आपको जिंदगी भर दुखी रखेगा चाहे आपके पास कितना ही धन क्यों न हों ।

अगर आपका शरीर बीमारियों से ग्रस्त है तो वह धन आपके किसी काम का नहीं रह जाएगा क्योंकि आप अपने धन का भोग ही नहीं कर पाएंगे । एक सन्यासी अपने शिष्यों को इसी प्रकार के उपदेश दे रहे थे ।संन्यासी ने उनको बताया कि बहुत सारे योगी पहाड़ों में जाकर कठिन तप करते है ।

बहुत दिनो तक भूखे रहते है व्रत करते हे और वह ऐसा इसीलिए करते हैं ताकि वह अपने शरीर को मजबूत बना सके ताकी उनका शरीर लंबे समय तक जीवित रह सके ताकि वह लंबे समय तक जीवित रह के मुक्ति के द्वार खोल सके।जब सन्यासी अपने शिष्यों को यह सब बता रहे थे तब वहां पर एक बुजुर्ग आदमी अपने जवान बेटे को लेकर उनके पास पहुंचा।

बुजुर्ग आदमी की आंखों में एक चमक थी, उसकी चाल में एक चपलता थी और उसके पूरे व्यक्तित्व से एक तेज निकल रहा था .जो सबको अपनी ओर आकर्षित कर रहा था लेकिन उसका जवान बेटा उसके बिल्कुल विपरीत था उसके चेहरे पर कोई तेज नहीं था।

उसकी चाल से वह थक थक लग रहा था उसे जवान युवक को देखकर ऐसा लगता था जैसे सारे संसार की विपत्ति उसी के कंधों पर आ गई हो उसमें जवानी के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे वह ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे जवानी में ही उसे बुढ़ापा आ गया हो ।

आश्रम के शिष्यों की तरफ बिना कोई ध्यान दिए वह बुजुर्ग आदमी अपने बेटे को लेकर उस सन्यासी के पास पहुंच गया उन्होंने सन्यासी से हाथ जोड़कर याचना की कि आजकल के युवा बच्चों में कोई तेज नहीं बचा है सब में बुढ़ापा पहले से ही आ गया है लेकिन अगर मैं अपनी बात करूं तो आज बुढ़ापे में भी मुझे कोई बीमारी नहीं है ।

मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं लेकिन जब मैं अपने बेटे की तरफ देखता हूं तो मेरा दिल दुखी हो जाता है क्योंकि यह अपने पिता से पहले ही पूरा होने लग रहा है और एक पिता के लिए इससे ज्यादा दुख की बात क्या हो सकती है।

उन्होंने सन्यासी से प्रार्थना की कि आप आयुर्वेद के ज्ञाता हैं आप इतने बड़े सन्यासी हैं आपके पास तो बहुत सारे तरीके होंगे जिससे मेरे बेटे को बुढ़ापा आने पर भी बीमारी ना पड़े अगर आपके पास ऐसी कोई औषधि है तो आप उसे देने की कृपा करें जिससे मैं चिंता मुक्त होकर अपना जीवन जी सकूं ।

सन्यासी ने उसे बुजुर्ग आदमी के युवा बेटे की तरफ देखते हुए कहा कि औषधि तो बीमार आदमी को दी जाती है लेकिन इसको देखकर ऐसा लगता है कि इससे कोई बीमारी नहीं है बल्कि इसके खान-पान इसके रहन-सहन और इसके दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करने से इसका पूरा जीवन बदल सकता है ।

असल में इंसान अगर बीमारी आने से पहले ही सतर्क हो जाए तो उसके पास बीमारी नहीं आएगी लेकिन हम बाद में सतर्क होते हैं जब बीमारियां हमारे शरीर में प्रवेश कर चुकी होती हैं और उसके बाद औषधीय के इलाज के अलावा और कोई तरीका हमारे पास नहीं बचता ।

मैं सबको कहता हूं कि जो भी इंसान अपना स्वस्थ शरीर चाहता है अच्छा खुशहाली से भरा जीवन जीना चाहता है उसे अपनी दिनचर्या में कुछ नियम अपनाने होंगे उससे कुछ भोजन ऐसे खाने होंगे तो उसके शरीर के लिए लाभकारी हो और तीसरा उसे कुछ योग सिखने होंगे जिन्हें वह जीवन भर कर सके ।

अगर वह सिर्फ इन तीन बिंदुओं को विस्तार से समझ लेता है तो उसका शरीर उसके लिए वरदान साबित हो जाएगा उसे अपने शरीर की वजह से इस जीवन काल में कभी भी कोई कष्ट नहीं उठाना पड़ेगा यह तीन बिंदु मैं तुम्हें विस्तार से समझाने की कोशिश करता हूं ।

भोजन क्या ले(Ayurveda Health Tips for Good Health)

इन तीन बिंदुओं में सबसे पहले हमारा भोजन आता है ।
जिस प्रकार का भोजन हमारा शरीर ग्रहण करेगा उसी प्रकार की वह ऊर्जा पैदा करेगा अगर हम अपने शरीर में बासी खाना डालेंगे तो वह आलस से भरा रहेगा वह हमेशा सुस्त रहेगा लेकिन वहीं पर अगर हम उसमें ताजा खाना डालेंगे तो हमारा शरीर चुस्ती से भरा रहेगा उसमें कोई आलस नहीं रहेगा।

पहला प्वाइंट(Ayurveda Health Tips for Good Health )


संन्यासी ने अपने कथन पर और प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी देश का भोजन वहां की ऋतुओं और वहां की जलवायु पर निर्भर करता है ऋतुओं के हिसाब से सर्दी का अलग खाना होता है गर्मियों का अलग खाना होता है और उसी प्रकार अलग-अलग ऋतुओं का अलग-अलग खाना होता है और अगर हम जलवायु की बात करें तो जो लोग समुद्र के किनारे रहते हैं उनका खाना अलग और जो लोग रेगिस्तान के पास रहते हैं उनका खाना उनसे बिल्कुल अलग होगा।


क्योंकि अलग-अलग देश में जलवायु के हिसाब से फसल उगाई जाती है और जो फसल वहां पर उगती है उसी के हिसाब से वहां पर भोजन तैयार किया जाता है लेकिन चाहे किसी भी देश या किसी भी जलवायु का भोजन क्यों ना हो अगर तुम अपने भोजन के साथ कुछ खाद्य पदार्थ और लेते हो तो तुम्हारा शरीर अपने आप चुस्त रहेगा ऊर्जा से भरा रहेगा ।

दूसरा प्वाइंट (Ayurveda Health Tips for Good Health )


उदाहरण के लिए मैं तुम्हें बताना चाहता हूं कि खाने के साथ गाय का देसी घी बहुत ही लाभकारी होता है लेकिन जरूरत से ज्यादा घी खाना भी नुकसानदायक हो सकता है इसीलिए जब भी आप अपने सुबह या फिर रात्रि का भोजन करें तो उसके साथ दो से पांच चम्मच देसी घी का सेवन अवश्य करें इससे आपके शरीर के जोड़ों के अंदर वह घी पहुंचता है जिससे आपके जोड़ उम्र बढ़ने पर भी अच्छी तरह काम करते रहते हैं ।

गाय का देसी घी (Ayurveda Health Tips for Good Health)


तुमने बहुत सारे लोगों को देखा होगा जिनके घुटनों में दर्द रहता है जिनके हाथ में दर्द रहता है यह बीमारी तभी होती है जब हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में तेल नहीं पहुंचता है ।तेल यानी की देसी घी देसी घी हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी होता है ।

इसके अलावा रात के खाने के बाद गाय का दूध अवश्य पिए ।गाय का दूध भैंस के दूध से ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि गाय के दूध से हमारा दिमाग तेजी से काम करता है उसकी कार्य करने की क्षमता बढ़ती है शरीर में चुस्ती बढ़ती है।

तीसरा प्वाइंट(Ayurveda Health Tips for Good Health )


संन्यासी ने आगे बताया कि सुबह-सुबह तुम्हे भर पेट खाना खाना चाहिए क्योंकि वह खाना दिनभर काम करने से हजम हो जाता है लेकिन रात में अगर भरपेट खाना खाया जाता है तो हमारा शरीर नींद में जाने के बाद उस खाने को अच्छी तरह से हजम नहीं कर पाता और इसी वजह से कुछ लोगों का पेट सुबह-सुबह अच्छे से साफ नहीं हो पा ता है और जब पेट अच्छे से साफ नहीं होता उसी से बहुत सारी बीमारियों का जन्म होता है ।


इसीलिए रात में हल्का खाना खाएं और खाने के बाद थोड़ी सी मिठाई अवश्य खाएं क्योंकि खाने के बाद थोड़ा मीठा खाने से हमारी पाचन क्रिया तेज हो जाती है उसके बाद हमारा खाना जल्दी हजम हो जाता है।

चौथा प्वाइंट(Ayurveda Health Tips for Good Health )


इसके अलावा बासी भोजन कभी न खाए बासी भोजन खाने से अच्छा है आप भूखे रह जाए लेकिन बासी भोजन सड़ा हुआ भोजन हमारे शरीर के अंदर जाकर बहुत सारे कीटाणु पैदा कर देता है और उसी की वजह से बहुत सारी बीमारियों का जन्म होता है ।

पांचवा प्वाइंट(Ayurveda Health Tips for Good Health )


संन्यासी ने सभी शिष्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि हफ्ते में कम से कम एक दिन बहुत ही हल्का खाना खाएं या हो सके तो व्रत भी धारण कर ले क्योंकि एक दिन खाना ना खाने से या कम खाना खाने से हमारा कोई ज्यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन फायदा यह होगा कि हमारे पाचन तंत्र को एक दिन के लिए आराम जरूर मिल जाएगा ।

जो पाचन तंत्र सुबह शाम दिन रात 24 घंटे 365 दिन काम करता रहता है उसे कम से कम एक दिन सप्ताह में आराम तो जरूर देना चाहिए ताकि वह अपना कार्य आसानी से और लंबे समय तक काम कर सके।

नियम क्या करे(Ayurveda Health Tips for Good Health)

भोजन के बाद बात आती है नियमों की कुछ नियम हमें अपनी दिनचर्या की जिंदगी में जरूर हमें अपनी दिनचर्या की जिंदगी में जरूर अपनाने चाहिए ।

।पहला नियम।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

समय से भोजन ग्रहण(Ayurveda Health Tips for Good Health )

सबसे पहला नियम है समय से खाना जो लोग समय से भोजन ग्रहण नहीं करते हैं उनके अवचेतन मन के पास कोई स्पष्ट संदेश नहीं पहुंचता है और इसीलिए चेतन मन वचन तंत्र के पास एक स्पष्ट संदेश नहीं पहुंचा पता कि खाने को पचाने का कार्य करो ।

वहीं पर दूसरी तरफ जो लोग समय से भोजन करते हैं वह उनके अवचेतन मन के पास एक स्पष्ट संदेश पहुंचता है कि यह समय खाना खाने के लिए बना है और चेतन मन उनके पाचन तंत्र को बचाने के कार्य में लगा देता है हम सबको पता है कि हमारा अवचेतन मन स्पष्ट संदेशों में काम करता है अगर हम उसके पास स्पष्ट संदेश भेजेंगे तो वह हमारे शरीर को ठीक करने में कार्य करेगा।

। दूसरा नियम।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

दूसरा नियम जो शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ-साथ उसे बलशाली भी बनाता है वह है अपने शरीर की अच्छे तेल से मालिश करना। कम से कम सप्ताह में एक दिन तो आवास्य अपने पूरे शरीर की अच्छे तेल से मालिश जरूर करें जिससे हमारे त्वचा के जितने भी खत्म हो चुके व मरे हुए अणु होते हैं। वह त्वचा से दूर हट जाते हैं और हमारी त्वचा में एक नई स्फूर्ति एक नई ताजगी पैदाहोती है और वह ताजगी हमारा आलस्य खत्म कर देती है।


शरीर की तेल से मालिश करने का एक और फायदा होता है उससे हमारा हमारा शरीर आकर्षक बना रहता है हमारा शरीर युवा बना रहता है ।

शरीर की अच्छे तेल से मालिश करना(Ayurveda Health Tips for Good Health )

।तीसरा नियम।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

अगला नियम आपके जीवन से तनाव को पूरी तरह से गायब कर सकता है। इस नियम का जो भी पालन करता है उसके पास बीमारी दूर-दूर तक नहीं भटकती वह नियम है समय से सोना और समय से जगना आपको यह नियम बड़ा ही साधारण नियम लगा होगा ।

आपको यह लगा होगा की आप तो इस नियम के बारे में तो हम सब जानते हैं लेकिन आप समय से सोने और समय से जागने के अद्भुत फायदे अगर जान लेंगे तो विश्वास कीजिए आप अपने आप इस नियम का अनुसरण करने लग जाएंगे ।

। चौथा नियम।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

इसके बाद अगला नियम बताते हुए उस संन्यासी ने बुजुर्ग आदमी को सावधान करते हुए बताया कि अगर कोई आदमी अपने परिवार और अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत नहीं करता है तो वह तनाव से ग्रस्त हो जाता है।

घर में सुख शांति रहती है तो मन खुश रहता है सभी परिवार के जन सभी परिवार के लोग भी खुश रहते हैं और इसीलिए परिवार के पास कोई भी नकारात्मक ऊर्जा पास में नहीं आती और उसके बाद आपका परिवार आपके बच्चे और आप तंदुरुस्ती भरा जीवन जी सकते हैं।


कुछ लोग काम ज्यादा होने की वजह से अपने परिवार अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते ऐसे लोग अगर रोज समय अपने परिवार को नहीं दे सकते तो कम से कम कुछ दिन कुछ महीनो के लिए उन्हें कहीं घूमने के लिए जरूर लेकर जाएं आप अपने परिवार के साथ जितना वक्त बिताएंगे उतनी ही नजदीकियां आपके परिवार के साथ आपकी बनेगी और उसके बाद आपके मन से तनाव गायब हो जाएगा ।

।पांचवा नियम ।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

इसके बाद संन्यासी ने बताया कि यह तो तुम सब जानते हो कि व्यायाम करना हमारे लिए कितना लाभकारी होता है। हर एक इंसान को व्यायाम करना चाहिए और समय से व्यायाम करना चाहिए लेकिन कुछ लोग व्यायाम करने का गलत अर्थ निकाल लेते हैं व्यायाम उतना ही करो जिससे तुम्हारे शरीर को पीड़ा ना पहुंचे।

कुछ लोग व्यायाम ज्यादा करने के लिए अपने शरीर को पीड़ा पहुंचाते रहते हैं लेकिन व्यायाम सिर्फ उतना ही होने चाहिए जितना आप सहन कर सकते है अपने सीमाओं के परे जाना अपने शरीर को पीड़ा पहुंचाना आपको थका देगा और थकने के बाद आपके अंदर आलस्य भर जाएगा और उसके बाद आपका कोई काम करने का मन नहीं करेगा ।इसलिए अपने आप को इतना मत थकाओ की आप अपना काम भी ना कर पाओ ।

। छटा नियम।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

व्यायाम करने के साथ-साथ एक नियम और अपनाना चाहिए और वह नियम हे ध्यान का नियम । ध्यान करने से हमारा दिमाग और हमारा मन एकाग्र होना सिखाता है वह विचारों से मुक्त हो जाता है और जब दिमाग और हमारा मन विचारों से मुक्त हो जाता है तो शरीर से तनाव चला जाता है क्योंकि विचार ही तनाव का असली कारण होते हैं ।

जो लोग समझदार हैं वह जानते हैं कि विचार ही हमें दुख पहुंचाते हैं और विचार ही हमारे तनाव का असली कारण होते हैं ,इसीलिए लोग शून्यता में जाने का ध्यान करते हैं। लेकिन अगर आप भी रोजाना ध्यान करते हैं तो इससे आप विचार रहित तो होंगे ही साथ ही साथ आपके चेहरे का तेज बढ़ेगा और आपकी इंद्रियां, इंद्रियां यानी की आंख ,नाक, कान ,त्वचा और आपका मस्तिष्क अच्छे से
कार्य कर पाएंगे।

ध्यान का नियम(Ayurveda Health Tips for Good Health )

योग क्या करे(Ayurveda Health Tips for Good Health)

भोजन और नियम के बारे में विस्तार से बताने के बाद सन्यासी ने योग का रहस्य खोलना शुरू किया। उन्होंने सभी को बताया की कुछ योग ऐसे होते हैं तो हम अपना काम करते-करते अभ्यास कर सकते हैं और उनका अभ्यास करने से हमें चमत्कारिक फायदे मिलते हैं। जो सबसे कम अपना काम करते-करते अभ्यास कर सकते हैं और उनका अभ्यास करने से हमें चमत्कारिक फायदे मिलते हैं।

। पहला योग । (Ayurveda Health Tips for Good Health )

पहला योग जो सबसे ज्यादा लाभकारी होता है और जिसे करने के लिए अलग से समय नहीं निकालना पड़ता ।आप कोई भी काम करते हुए उस योग को कर सकते हैं और वह योग है गहरी सांस लेना जब भी आप सांस लेते हो तो अपने नाभि से सांस लेने की कोशिश करें सिर्फ छाती में सांस भरकर या अपने कंठ में सांस भरकर ना छोड़े नाभी तक सांस को जाने दे और नाभी से ही सांस को आने दे उसके बाद आप अपनी सांसों के साथ एक संबंध स्थापित कर लेंगे।

जीवन का रहस्य ही सांसों में छुपा हुआ है और जितनी गहरी आपकी सांसे होगी उतना ही गहरा आपका ध्यान होगा और यह योग हम कोई भी काम करते हुए कर सकते है। मान लीजिए कि तुम कोई भी काम कर रहे हैं तो उसमें गहरी सांस लेने में तुम्हें कोई भी अड़चन नहीं होनी चाहिए लीजिए कि तुम कोई भी काम कर रहे हो तो उसमें गहरी सांस लेने कोई भी अड़चन नहीं होनी चाहिए।

। दूसरा योग।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

अगला योग समझाते हुए संन्यासी ने बताया कि जब भी तुम सोने के लिए जाते हो तो हमेशा याद रखना कि तुम योग निद्रा में जाकर नींद ले सको क्योंकि योग निद्रा की नींद अगली सुबह तुम्हारे लिए ताजगी भरी लेकर आएगी योग निंद्रा किस तरह से की जाती है ,उसकी प्रक्रिया क्या होती है इसके बारे में यूट्यूब पर देख सकते हैं।

। तीसरा योग।(Ayurveda Health Tips for Good Health )

आखरी योग बताते हुए संन्यासी ने बताया कि एक योग जिसके लिए तुम्हें अपना थोड़ा सा समय देना होगा लेकिन थोड़े से समय के बदले उसके फायदे बहुत लंबे होंगे। वह योग है अपनी इंद्रियों के लिए योग तुम्हारी इंद्रियां जो होती है उसे जिंदगी भर तुम्हारा साथ निभाते हैं तुम्हारी आंखें देखने का काम करते हैं ,तुम्हारे कान सुनने का काम करते हैं, उसी प्रकार हर एक इंद्री अपना कार्य अलग अलग रूप में करती रहती हैं ।

लेकिन समय के साथ साथ जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है इंद्रियों की शक्ति कम होने लग जाती है, इसीलिए इंसान को ऐसे योग करते रहना चाहिए जिससे उनकी इंद्रियां कभी भी कमजोर ना पड़े।

उदाहरण के लिए आंखों की शक्ति बढ़ाने के लिए त्राटक ध्यान का प्रयोग किया जा सकता है और कानों की शक्ति बढ़ाने के लिए कानों से सुनने का अभ्यास किया जा सकता है सिर्फ हमें अपनी अलग-अलग इंद्रियों पर अलग-अलग समय पर अपना ध्यान केंद्रित करना है जैसे कि हम खाली बैठे हुए सिर्फ सुनने पर ध्यान लगा रहे हैं ।

हमारे कानों पर हर प्रकार की ध्वनि प्रवेश कर रही है हमारा पूरा ध्यान सिर्फ सुनने में लगा हुआ है इस ध्यान को सिर्फ कुछ पलों तक करने के बाद आपको खुद ही महसूस हो जाएगा कि वह इंद्री अच्छे से काम करने लगी है इसीलिए यह भोजन, नियम और आखिर में यह योग आपके जीवन को बदल सकते हैं बुढ़ापे तक आपके पास कोई बीमारी नहीं आएगी ।

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